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This education system will focus on teaching traders how to analyze commodities such as gold and silver using technical analysis, market trends, and global economic news. It will also guide learners on how to plan entries and exits, manage capital, and control risk while trading.
The program aims to support both beginners and intermediate traders by simplifying complex trading concepts and providing practical learning methods. The goal is to build confident traders who can make informed decisions in the market.
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चेतावनी (Disclaimer)
यहाँ दी गई सभी जानकारी केवल शैक्षिक (Education) उद्देश्य के लिए है। इसका उद्देश्य लोगों को ट्रेडिंग के बारे में समझ और ज्ञान प्रदान करना है।
यह कोई निवेश सलाह (Investment Advice) या व्यापार करने के लिए सिफारिश नहीं है। यहाँ किसी भी प्रकार की जादुई टिप्स, गारंटी या निश्चित लाभ का दावा नहीं किया जाता।
कमोडिटी मार्केट (MCX) में ट्रेडिंग करना जोखिम भरा हो सकता है। किसी भी प्रकार का ट्रेड करने से पहले अपनी स्वयं की रिसर्च करें और अपने जोखिम की जिम्मेदारी स्वयं लें।
हम यहाँ केवल शिक्षा और मार्केट की समझ बढ़ाने के उद्देश्य से जानकारी साझा करते हैं।
17 MARCH 2026
ईरान से जुड़े संघर्ष के तीसरे सप्ताह में प्रवेश करने के बावजूद, सोने की कीमतें अभी भी लगभग $5000 प्रति औंस के आसपास सपोर्ट बनाए हुए हैं। हालांकि बाजार के प्रतिभागी अभी भी यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि यह युद्ध कितने समय तक चलेगा और कितना व्यापक होगा। अगर यह संघर्ष अमेरिका के अनुमानित छह सप्ताह से ज्यादा लंबा और गंभीर होता है, तो इससे इक्विटी बाजार और कीमती धातुओं (सोना-चाँदी) में बड़ी गिरावट आ सकती है।
RJO Futures के वरिष्ठ कमोडिटी ब्रोकर डेनियल पाविलोनिस के अनुसार, सोना और चाँदी फिलहाल शेयर बाजार (equities) के साथ ही चल रहे हैं, जो खुद अमेरिकी बॉन्ड यील्ड के विपरीत दिशा में चलते हैं। उनका मानना है कि निकट भविष्य में शेयर बाजार में गिरावट आ सकती है।
उन्होंने कहा कि,
“मेटल्स की दिशा ऊर्जा (oil) और यील्ड कर्व, खासकर 10 साल की यील्ड पर निर्भर है। जब तक यील्ड बढ़ती रहेगी, सोना और चाँदी पर दबाव बना रहेगा।”
पाविलोनिस के अनुसार आने वाले कुछ दिन बाजार के लिए बेहद महत्वपूर्ण होंगे, क्योंकि इससे यह स्पष्ट होगा कि यह संघर्ष किस दिशा में जा रहा है।
उन्होंने कहा कि,
“मध्य-पूर्व में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति बढ़ सकती है, लेकिन दूसरी तरफ भारतीय और चीनी टैंकरों का स्ट्रेट्स से गुजरना यह संकेत देता है कि तेल सप्लाई जारी रह सकती है, जिससे बाजार को राहत मिल सकती है।”
उनका कहना है कि अगर तेल और ऊर्जा की कीमतें बढ़ती हैं, तो इससे ब्याज दरें भी बढ़ेंगी, और इससे सोना-चाँदी में गिरावट आ सकती है।
“अगर यील्ड बढ़ती है तो मेटल्स गिरते हैं। लेकिन अगर यील्ड गिरती है, तो सोना-चाँदी और शेयर बाजार दोनों ऊपर जा सकते हैं।”
पाविलोनिस के अनुसार ईरान की रणनीति दोहरी हो सकती है:
तेल निर्यात को प्रभावित करना
अन्य देशों को अपने अमेरिकी बॉन्ड और डॉलर एसेट बेचने के लिए मजबूर करना
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि दुबई जैसे क्षेत्रों पर हमले से वहां आर्थिक अस्थिरता बढ़ सकती है, जिससे देश अपने अमेरिकी निवेश (stocks, bonds) बेचने पर मजबूर हो सकते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि यह संघर्ष अमेरिका और खाड़ी देशों के संबंधों की कमजोरियों को उजागर कर रहा है।
“अगर अमेरिका सुरक्षा नहीं दे पाता, तो देश अमेरिकी एसेट्स रखने का क्या फायदा समझेंगे?”
पाविलोनिस का मानना है कि वर्तमान स्थिति में:
➡️ शेयर बाजार और सोना-चाँदी दोनों में गिरावट जारी रह सकती है
“शेयर और सोना एक ही दिशा में चल रहे हैं, और अगर शेयर गिरते हैं तो मेटल्स भी गिरेंगे।”
उन्होंने यह भी चेतावनी दी:
“स्थिति और खराब हो सकती है, इससे पहले कि सुधार आए।”
उन्होंने संभावना जताई कि:
➡️ सोना $4200 तक भी गिर सकता है (worst-case scenario)
फिलहाल सोना $5000 के आसपास एक सीमित दायरे (narrow range) में ट्रेड कर रहा है, और हाल में यह $5010 प्रति औंस के आसपास देखा गया।
🔥 Final Verdict
Current driver: Interest rates (not war)
Trend: Bearish / volatile
Silver: Extra weak (high beta asset)
Best mindset: Sell on rise
🔴 Core Reason (Sabse bada factor)
➡️ Interest rates expectation change (Fed policy)
War ki wajah se oil prices ↑
Oil ↑ → inflation pressure ↑
Inflation ↑ → Fed rate cut delay / hike possibility
Result 👉 Gold & Silver ↓ (kyunki yeh non-yielding assets hain)
📌 Quote ka main point:
“Safe haven se zyada interest rate expectation market ko drive kar raha hai”
⚔️ Geopolitical Factor (U.S.–Iran tension)
United States vs Iran tension normally gold ko upar le jata…
❌ BUT is baar:
Market focus war se hatkar rate expectations pe shift ho gaya
Talks fail ho rahe → oil disruption → inflation → gold bearish
📊 Trading Insight (Most Important 🔥)
🔻 Bias (Short-term)
👉 Bearish till rate expectations soften
📍 Kab reversal aa sakta hai?
Agar:
War cool ho jaye
Oil prices gir jaye
Fed rate cut expectations wapas aaye
👉 Tab sharp short covering rally milegi
💣 Hidden Danger (Trap Zone)
Abhi biggest trap kya hai:
Log sochenge “war hai = gold buy”
But reality: macro opposite direction me hai
👉 Isliye: Blind buying = loss